उलझी हुई ज़िन्दगी को इक पल में संवार लूँ,
जी करता है अपने ही सीने में खंजर उतार लूँ।
Ulajhi hui zindagi ko ik pal mein sanwar loon,
Jee karta hai apne hi seene mein khanjar utar loon।
- पल - समय कि लघुतम इकाई, एक क्षण
- खंज़र - छोटी तलवार, कटार, छुरी
- Article By. Dharm_Singh

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