कहीं आँधियाँ चल रही थी, तो कहीं थम के बदरा बरस रहे थे,
वो जब ग़ैरों संग गुलछर्रे उड़ा रहे थे, हम गुफ़्तगू को तरस रहे थे।
Kahin aandhiyan chal rahi thi, toh kahin tham ke badra baras rahe the,
woh jab gairon sang gulchhrre uda rahe the, hum guftgu ko taras rahe the।
- बदरा - बादल, मेघ, घटा
- गुलछर्रे - भोग विलास, मौज-मस्ती, चैन, ऐश
- गुफ़्तगू - वार्तालाप, बातचीत
- Article By. Dharm_Singh

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