कितना अज़ीज़ था वो शख़्स मुझें जो बेगाना हो गया,
ख़्वाबों में भी मिले उसको हमसे इक ज़माना हो गया।
Kitna aziz tha woh shakhs mujhen jo begana ho gaya,
Khwabon mein bhi mile usko humse ik zamana ho gaya।
- अज़ीज़ - प्रिय, प्यारा, ख़ास, जिगरी, यार, महबूब, दोस्त, प्यार
- बेगाना - ग़ैर, पराया, अनजान, अपरिचित, जिससे जान पहचान न हो
- ख़्वाब - स्वप्न, सपना, सोने की अवस्था, नींद
- Article By. Dharm_Singh

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