अब तू इतनी भी ताख़ीर ना कर वापस लौटने में,
कि मैं माहिर हो जाऊं चाहतों का गला घोंटने में।
Ab too itni bhi taakhir naa kar waapas lautane mein,
Ki main maahir ho jaaun chahton kaa gala ghontane mein।
- ताख़ीर - देर, विलम्ब, ढील
- माहिर - कुशल, ज्ञाता, तजुर्बेकार, पारखी, दक्ष, अभ्यस्त, विशेषज्ञ, अच्छा जानकार
- चाहत - चाह, प्रेम, इच्छा, लगाव, प्रीति, अभिलाषा, आकांक्षा, किसी को पाने की इच्छा
- Article By. Dharm_Singh

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