अब उस बेवफ़ा हरजाई को हम, भुलाये भी तो किस अदा से,
जिसे सजदों में माँगा किया करते थे हम, कभी अपने ख़ुदा से।
Ab us bewafa harjai ko hum, bhulaye bhi toh kis ada se,
Jise sajdon mein maanga kiya karte the hum, kabhi apne khuda se।
- हरजाई - कुलता, वेश्या, रंडी, व्याभिचारिणी स्त्री
- अदा - ढंग, तर्ज, अंदाज, हाव-भाव, नखरा, तौर-तरीका
- सजदा - घुटने टेककर और सिर झुकाकर किया जाने वाला प्रणाम
- Article By. Dharm_Singh

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