ये दुनियाँ बड़ी ज़ालिम और सितमगर है मेरे यार,
कमबख़्त दर्द भी उसी को देती है, पास जिसके कोई मरहम नहीं होता।
Yeh duniyan badi zaalim aur sitamgar hai mere yaar,
Kambakht dard bhi usi ko deti hai, paas jiske koi marhum nahin hota।
- ज़ालिम - अत्याचारी, ज़ुल्मी, निर्दयी, कठोर, अन्यायी, क्रूर
- सितमगर - अन्याय करने वाला, अत्याचार करने वाला, दुःखदायी
- मरहम - वह गाड़ा औषधिय लेप जो किसी घाव या चोट पर लगाया जाता है
- Article By. Dharm_Singh

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