आख़िर तू भी बदल गई, बदलती किसी मौसम की बहार की तरहा,
देख हम वहीं के वहीं खड़े हैं, तन्हा किसी घर की दीवार की तरहा।
Aakhir too bhi badal gai, badalti kisi mausam ki bahar ki tarha,
Dekh hum wahin ke wahin khade hain, tanha kisi ghar ki deewar ki tarha।
- Article By. Dharm_Singh

1 टिप्पणियाँ
❤️टूट कर बिखर जाते हैं वो लोग दीवारों की तरह
जवाब देंहटाएंजो खुद से भी ज्यादा किसी और से मुहब्बत करते❣️