जाने किसकी नज़र लगी मेरे उल्फ़त के आशियाने को,
कोई वज़ह ही ना रही आँसुओं के सिवा मुस्कुराने को।
Jaane kiski nazar lagi mere ulfat ke aashiyane ko,
Koi wazah hi naa rahi aansuon ke siva muskurane ko।
- उल्फ़त - प्यार, मोहब्बत, इश्क, चाहत, प्रेम
- आशियाना - बसेरा, घोंसला, सुन्दर घर, निवास स्थान, शौक़ से बनाया गया रहने का ठिकाना
- वज़ह - कारण, हेतु, सबब, माध्यम, ज़रिया
- सिवा - अलावा, अतिरिक्त, बग़ैर, अन्य, बिना, दूसरा
- Article By. Dharm_Singh

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