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Aah shayari...

Aah_shayari


तेरी हर याद पर दिल से मेरे 'आह' फ़िर हर दफ़ा निकली,
किस्मत की तरहा मेरी जब तू भी बद और बेवफ़ा निकली।

Teri har yaad par dil se mere 'aah' fir har dafa nikli,
Kismat ki tarha meri jab too bhi bad aur bewafa nikli



  • आह - वेदना, दुःख या पीड़ा में गहरी साँस लेने या कराहने की ध्वनी
  • बद - बुरा, ख़राब, निकृष्ट, अधम

  • Article By. Dharm_Singh

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