बा-ख़ुदा उसकी हर अदा, बा-कमाल और बड़ी ही निराली थी,
पता नहीं कल जो मेरे ख़्वाब में आई, वो किसकी घरवाली थी।
Ba-khuda uski har ada, ba-kamal aur badi hi nirali thi,
Pata nahin kal jo mere khwab mein aai, woh kiski gharwali thi।
- बा-ख़ुदा - ख़ुदा की कसम, ख़ुदा कसम, भगवन की सौगंध
- अदा - अंदाज, भाव, हाव-भाव, नखरा, ढंग, तर्ज, मोहित करने की चेष्टा
- बा-कमाल - हुनरमंद, गुणवान, किसी काम या हुनर में बहुत बड़ी महारत रखने वाला
- Article By. Dharm_Singh

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