हँसी वो चीज है जो जेब में पैसा न होने पर भी अमीर बना देती है।नमस्कार, मैं Marudhar Rahi और आप पढ़ रहे हैं MyAlfaaz। अगर आपका मूड थोड़ा ऑफ है, या दोस्तों के ग्रुप में कुछ मजेदार भेजना है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हो।यहाँ मैंने आपके लिए 2 Line Funny Shayari in Hindi का सबसे बड़ा कलेक्शन तैयार किया है। ये शायरियाँ छोटी हैं, 2 लाइन की हैं, पर हँसाने की गारंटी पूरी है।इसमें आपको दोस्ती की मस्ती, पति-पत्नी के नखरे, गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की नोक-झोंक, टीचर-स्टूडेंट के किस्से और जिंदगी की रोजमर्रा की फनी बातों पर शायरियाँ मिलेंगी। आप इन्हें सीधे कॉपी करके WhatsApp Status, Instagram Caption या Facebook Story पर लगा सकते हैं।तो चलिए, शुरू करते हैं हँसी का ये सफर। नीचे अपनी पसंद की शायरी चुनिए।
Latest Funny Shayari By Marudhar Rahi
चाहत में हम तुम्हारी मुक़म्मल जहाँ भुलाकर बैठे हैं,
फिर क्यूँ आप हमसे इस कदर मुँह फुलाकर बैठे हैं।
😃😅😆😂
बात-बात पर बेवजह मुँह फुलाकर बैठ जाती हो,
कहीं तुम्हारा बाप, गुब्बारे तो नहीं बेचा करता था।
😂😂😂😂
मुझको 'रास' न आई, ख़ुदा तेरी ये ख़ुदाई,
मेरी वाली से सुंदर, क्यूँ दी पड़ोसी को लुगाई।
😏😔😣😔
दिखावे की मोहब्बत थी, हक़ीक़त कुछ और निकली,
वो बेवफ़ा होकर, साली जेब कतरी और चोर निकली।
😔😔😔😔
ऐ मलिका-ए-हुस्न ख़्वाबों की मेरे शहज़ादी, ख़ुद को ज़माने की बुरी नज़रों से बचाया कर,
फ़क़त आँखों में काजल ही काफ़ी नहीं तेरे, गले में अपने निम्बू मिर्च भी लटकाया कर।
😂😂😂😂
पता नहीं..., किस मनहूस घड़ी में खाता खोल दिया बैंक वालों ने मेरा,
जबसे 'बचत खाता' खुलवाया है, कमबख़्त बचत होनी ही बंद हो गई है।
😔😔😔😔
नींदें मेरी जिसने की है हराम, उसे फिर मैं नींद से जगाकर ले जाऊँगा,
मौका मिला तो इक रोज़, पड़ोस वाली भाभी को भगाकर ले जाऊँगा।
😂😂😂😂
ऐ 'तक़दीर' लिखने वाले, तक़दीर में मेरी थोड़ी अपडेट कर दे,
रह लूंगा ताउम्र कुंवारा, बस पड़ोस वाली भाभी को सेट कर दे।
😣😣😣😣
बा-ख़ुदा उसकी हर अदा, बा-कमाल और बड़ी ही निराली थी,
पता नहीं कल जो मेरे ख़्वाब में आई, वो किसकी घरवाली थी।
🤔🤔🤔🤔
मत पड़ना मेरे दोस्त, तुम कभी भी इन बाबू सोना के चक्कर में,
नहीं तो फिर तुझसे बड़ा कोई 'भिखारी' न होगा, तेरी टक्कर में।
💯💯💯💯
जबसे गये हो तन्हा और बेचैन कर गये हो,
वादा करके मिलने का जाने कहाँ मर गये हो।
😂😂😂😂
अल्फ़ाज़ों को रब मेरे तू रुबाई देदे,
जज़्बातों को समझे ऐसी लुगाई देदे,
मंज़ूर है मुझे तेरा हर ज़ुल्म-ओ-सितम,
फ़क़त ग़म-ए-तन्हाई से जुदाई देदे..!
😔😔😔😔
- - मरुधर राही ✍️



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