अफ़सोस... कि तेरे अधरों पे कभी मेरा नाम नहीं आता,
कमबख़्त मुझें तेरे 'नाम' के सिवा कोई काम नहीं आता।
Afsos... ki tere adharon pe kabhi mera naam nahin aata,
Kambakht mujhen tere 'naam' ke siwa koi kaam nahin aata।
- अफ़सोस - दुःख, खेद, ग़म, रंज, पछतावा, निराशा
- अधर - लब, होंट
- सिवा - अलावा, अतिरिक्त, बिना, अन्य, छोड़कर
- Article By. Dharm_Singh

1 टिप्पणियाँ
तेरे ख्याल से खुद को छुपा के देखा है,
जवाब देंहटाएंदिल-ओ-नजर को रुला-रुला के देखा है,
तू नहीं तो कुछ भी नहीं है तेरी कसम,
मैंने कुछ पल तुझे भुला के देखा है।